प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु एवं संत देव प्रभाकर शास्त्री का रविवार रात मध्य प्रदेश के कटनी में उनके निवास ‘दद्दाधाम’ में निध’न हो गया. बॉलीवुड कलाकारों और राजनेताओं सहित बड़ी संख्या में अपने अनुयायियों के बीच वह ‘दद्दाजी’ नाम से जाने जाते थे. बड़ी संख्या में सेलेब्रिटी उनके अनुयायी हैं. आज उनके अंतिम संस्कार में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. इस दौरान केंद्र सरकार के द्वारा जारी लॉक”डाउन के नियमों की धज्जियां उड़ गई. गृह मंत्रालय के द्वारा लॉक’डाउन के बाबत जारी गाइडलाइंस के मुताबिक अंतिम संस्कार में 20 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकते हैं, लेकिन ‘दद्दाजी’ की अंतिम यात्रा में सैकडों लोगों की भीड़ शामिल हुई है.

कल रात ही उनका अव’सान हुआ है. पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि वह 82 वर्ष के थे और लम्बे समय से फेफड़े और किडनी से संबंधित बीमारियों से परेशान थे. उनके परिवार में तीन बेटे और दो बेटियां हैं. उनकी पत्नी का पहले ही निध’न हो चुका है. दद्दाजी शिष्य मंडल के प्रवक्ता संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि संत का उपचार दिल्ली के एक अस्पताल में चल रहा था. जब दद्दाजी की हालत बिगड़ने लगी तो शनिवार को उन्हें यहां लाया गया. अभिनेता आशुतोष राणा और मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री संजय पाठक सहित उनके शिष्यों द्वारा उन्हें पहले एयर एम्बुलेंस से जबलपुर लाया गया और बाद में उन्हें सड़क मार्ग से कटनी लाया गया.

उन्होंने बताया कि संत का अंतिम संस्कार सोमवार को शहर के बाहरी इलाके दद्दाधाम में किया गया, जिसमें उनके अनुयायी अभिनेता आशुतोष राणा और राजपाल यादव भी मौजूद थे. इसके अलावा दद्दाजी को श्रद्धांजलि देने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह भी कटनी आये. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह सहित अन्य लोगों ने संत देव प्रभाकर शास्त्री के नि’धन पर शोक व्यक्त किया है.