कोरोना वायरस के दौर में जहाँ दुनिया के तमाम देशों की सरकारें पक्ष-विपक्ष भूल कर अपने नागरिकों के साथ खड़ी हैं, वहीँ भारत में इस दौर में भी जमकर राजनीति हो रही है, जिसकी भेंट गरीब, मजबूर, मजदूर और प्रवासी चढ़ रहे हैं. उत्तर प्रदेश सरकार और कांग्रेस के बीच बसों को लेकर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है. प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए कांग्रेस ने जो बसें भेजीं, योगी सरकार उनको रोकने के लिए लगातार अड़ंगे लगा रही है. अब नोएडा में कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज मालिक समेत 20 से अधिक लोगों पर मुक’दमा दर्ज किया गया है. उन पर लॉक’डाउन नियमों का उल्लं’घन करने का आ’रोप लगाया गया है. ये आरोप कल कांग्रेसियों द्वारा नोएडा में 100 बसों को इकट्ठा करने पर लगाया गया है.

बता दें कि इन्हें पु’लिस ने रोक दिया था. पु’लिस अधिकारियों का कहना था कि हम सभी बसों की जांच कर रहे हैं. दो बसों का फिटनेस सर्टिफिकेट समाप्त हो चुका है. इन दोनों बसों को सी’ज किया गया है. बाकी बसों की जांच की जा रही है. माना जा रहा है कि सभी बसों की जांच के बाद ही अधिकारियों की ओर से हरी झंडी मिल सकती है. नोएडा पु’लिस ने लॉक’डाउन के उल्लं’घन के आरो’प में कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज मालिक व अन्य नेताओ पर मुक’दमा दर्ज किया है.इस बाबत सेक्टर-39 के थाने में एफ’आईआर दर्ज की गई है. आ’रोप है कि कांग्रेस के नेता देर रात तक बसों के पास ही इकट्ठे रहे और लॉक’डाउन नियमों का उल्लं’घन कर रहे थे.

इस बीच प्रियंका गांधी वाड्रा के सचिव संदीप सिंह ने यूपी सरकार को खत लिखा है. उन्होंने कहा कि कि हम कल सुबह से बसों के साथ बॉर्डर पर खड़े हैं. हमें नोएडा – गाजियाबाद की ओर जाने पर रोका गया है. साथ ही आगरा बॉर्डर पर यूपी पुलिस ने हमें रोक लिया और पु’लिस ने यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय लल्लू के साथ दुर्व्य’वहार किया. पत्र में कहा गया है कि आज शाम 4 बजे तक हम यहीं डटे रहेंगे. अभी भी नोएडा के महामाया फ्लाईओवर के नीचे 100 बसें खड़ी हैं, जिनकी जांच नोएडा पु’लिस कर रही है. वहीं आगरा-भरतपुर बॉर्डर पर करीब 300 बसें खड़ी हैं, जिसे आगरा प्रशासन उत्तर प्रदेश में घुसने नहीं दे रही है.