ये विडंबना नहीं तो और क्या है कि इस देश में निजी मेहनत, मजबूरी में उठाये गए हिम्मतवर कदम को भी राष्ट्रीय गर्व का विषय बना दिया जाता है. ज़रूरत के वक़्त पर मदद न करके वक़्त गुजर जाने के बाद मदद की भरमार लग जाती है. गुड़गांव से पिता को साथ लेकर अपने घर सिंहवाड़ा प्रखंड के सिरहुल्ली गांव पहुंचने वाली ज्योति कुमारी की हिम्मत की सभी लोग दाद दे रहे हैं. उसे सम्मानित करने वालों का गांव में तांता लगा है. साइकिल समेत पिता के साथ घर पहुंची ज्योति को रविवार को डाक अधीक्षक उमेश चंद्र प्रसाद ने ‘माइ स्टांप’ से सम्मानित किया. आइपीपीबी का शून्य बैलेंस पर खाता खोल कर 51 सौ रुपये का चेक ज्योति को दिया. पोस्ट मास्टर जनरल को आमंत्रित कर जिला स्तर पर ज्योति को सम्मानित करने की योजना बनायी जा रही है.

नगर विधायक संजय सरावगी ने ज्योति को उसके घर जाकर ₹25 हजार की साइकिल दी. ऑल इंडिया साइकिल फेडरेशन के ट्रायल टेस्ट के लिए साइकिल देने का शनिवार को किया वादा पूरा करने विधायक वहां पहुंचे थे. फेडरेशन से ट्रायल टेस्ट के लिए ज्योति ने एक महीना का समय लिया है. पटना में उसका टेस्ट होगा. सरावगी ने ज्योति से कहा कि वह पूरे मन से तैयारी करे, हर कठिनाई के समाधान के लिए वे खड़े मिलेंगे. इधर, ज्योति के घर के निकट शौचालय निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है. प्रखंड समन्वयक ने बताया कि दो दिन में कार्य पूरा कर लिया जायेगा. बता दें कि ज्योति के घर में शौचालय की सुविधा नहीं है. शौचालय बनाने के लिए निजी जमीन नहीं होने से बगल की सरकारी जमीन पर शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है.

डीइओ डॉ महेश प्रसाद सिंह, डीपीओ डॉ सुनिल कुमार, संजय कुमार देव कन्हैया आदि ने शनिवार को ज्योति को साइकिल, पाठ्य सामग्री प्रदान की थी. उसका नामांकन वर्ग नौ में कराया गया. विभाग ने पढ़ाई के क्रम में हर सहयोग किये जाने का ज्योति को भरोसा दिलाया. डॉ प्रभात दास फाउंडेशन के सचिव मुकेश कुमार झा ने ‘ज्योति को मिथिला विरांगना सम्मान’ से नवाजा, तो एसएसबी राजनगर मधुबनी के इंस्पेक्टर ने पांच हजार रुपये देकर पुरस्कृत किया. बिहार सरकार के योजना एवं विकास मंत्री महेश्वर हजारी ने कहा है कि गुड़गांव से साहस का परिचय देते हुए अपने पिता को साइकिल पर चढ़ाकर दरभंगा लाने वाली ज्योति को हर संभव मदद दिया जायेगा. उन्होंने पचास हजार रुपये देने व बारहवीं तक के पढ़ाई व अन्य खर्च भी उठाने की बात कही.