कोरोना वायरस महामा’री ने पूरी दुनिया के रोजगार पर चोट की है, लेकिन सबसे ज्यादा प्रभावित मजदूर वर्ग हुआ है. बड़ी तादाद में मजदूरों और घरेलू कामगारों, हाथ के कारीगरों का रोजगार छिनने से वे सड़क पर आ गए हैं. कोरोना वायरस के चलते जब देश भर में लॉक’डाउन हुआ तो बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर पैदल ही सैकड़ों-हज़ारों किलोमीटर की यात्रा पर अपने घरों की ओर निकल पड़े. इनमें बहुत से मजदूर कभी अपने घर पहुँच ही नहीं पाए, वे रास्ते में ही जीवन से हार गए.

अब सरकार का ध्यान मजदूरों की इस समस्या की ओर गया तो प्रवासियों की घर वापसी के लिए ट्रेनें चलाई गयीं, लेकिन ट्रेन में घर वापसी की राह भी आसान नहीं दिख रही. ऐसे में झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने प्रदेश के मजदूरों-कामगारों की सुध ली. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इन प्रवासियों के लिए हवाई यात्रा का इंतजाम किया. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रयास से आज एयर एशिया की फ्लाइट से 174 प्रवासी मजदूर मुम्बई से अपने गृह राज्य झारखंड लौटे. गुरुवार सुबह 8:15 बजे एयर एशिया की स्पेशल फ्लाइट से ये प्रवासी मजदूर रांची पहुंचे. इस दौरान लोगों के चेहरे पर एक खास खुशी नजर आ रही थी. रांची एयरपोर्ट से बाहर आते ही एक महिला ने जमीन को चूमकर आशीर्वाद लिया.

मुंबई से आए इन यात्रियों ने बताया कि उनके लिए घर आना और पहली बार हवाई यात्रा करना एक सुखद अनुभूति रही. फ्लाइट से लौटे इन यात्रियों की एयरपोर्ट पर ही स्क्रीनिंग की गई, यात्रियों को एयरपोर्ट पर ही रिफ्रेशमेंट का पैकेट और पानी की बोतल भी दी गई. जिसके बाद सभी को उनके गृह जिले भेजने के लिए प्रशासन की ओर से बसों की व्यवस्था एयरपोर्ट पर ही की गई थी. एयरपोर्ट से निकलने के बाद सारे प्रवासी एक-एक कर अपने गृह जिले जाने की लिए लगी हुई बसों में सवार हो गए.