केरल में इंसानों ने एक बेजुबान जानवर के साथ ऐसी हरकत की है, जिस पर हर इन्सान शर्मिंदा है. जंगल से भटककर शहर की ओर आई एक गर्भवती हथिनी को नहीं पता था कि खाने की तलाश के लिए इंसानों की बस्ती में वो अपने जीवन के अंत की ओर जा रही है. यह घ’टना पिछले हफ्ते की है. खाने की तलाश में एक गर्भवती हथिनी मल्लापुरम जिले में शहर की ओर आ गई. इस बेजुबान जानवर को जिसने जो खाने को दिया, उसने खुशी खुशी स्वीकार कर लिया. मगर उसे नहीं पता था कि उसके साथ कितना बड़ा धोखा होने जा रहा है.

कुछ मानसिक विकृत इंसानों ने फलों के भीतर छिपाकर उसे पटाखे खिला दिए. उस बेचारी ने जैसे ही उसे खाने की कोशिश की, उसके मुंह के भीतर ध’माका हो गया. वो बेतहाशा दर्द से कराहती हुई इधर-उधर भागने लगी. ध’माके की वजह से मुंह के भीतर बहुत ज्यादा चोटें आई थीं. दर्द से बुरी तरह तड़पती-कराहती हुई ये हथिनी जंगल की ओर भागी. इसके बावजूद उसने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया. किसी पर हमला नहीं किया, न ही कोई घर तोड़ा. जब दर्द सहा नहीं गया तो एक नदी में अपनी सूंड को डालकर कुछ आराम दिलाने की कोशिश की. वन विभाग के कर्मी भी उसे बचाने के लिए पहुंचे. मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी. 27 मई की शाम को उस हथिनी ने पानी में खड़े खड़े ही अपने जान दे दी.

इस घटना से बहुत ज्यादा दुखी वन अधिकारी मोहन कृष्णन ने पूरी दास्तां को साझा किया. उन्होंने लिखा, ‘उसने सभी पर विश्वास किया. जब उसने अनानास खाया तो उसे नहीं पता था कि इसमें पटाखे हैं. उसका मुंह और जीभ बहुत ही बुरी तरह से चोटिल हो गई थी. भी’षण दर्द में भी उसने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया.’ फेसबुक पर उन्होंने आगे लिखा, ‘आखिरकार वो वेलियार नदी में आकर खड़ी हो गई. वन विभाग ने उसे बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन शायद उसे अंदाजा हो गया था कि उसका वक्त आ गया है. उसने ऐसा नहीं करने दिया.’  मोहन कृष्णन ने बताया कि उसे सम्मानजनक विदाई देने के लिए हमने एक ट्रक मंगवाया. हमने उसे उसी जंगल में अंतिम विदाई दी, जहां उसका बचपन बीता और वो बड़ी हुई.

इस घटना के सामने आने के बाद से सोशल मीडिया पर तह’लका मचा हुआ है. आम लोगों से लेकर सेलिब्रिटीज तक इस घिनौने कृत्य करने वालों को सख्त से सख्त स’ज़ा देने की ताकीद कर रहे हैं. कई लोग तो व्यथित होकर कोरोना वायरस के कभी न ख़त्म होने की दुआ तक कर गए. मेनका गाँधी ने तो मल्लापुरम को देश का सबसे हिंसक जिला बताया है. मन्नारक्कड़ वन रेंज अधिकारी ने कहा कि इस घ’टना को लेकर वन्य जीवन संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अज्ञात लोगों के खि’लाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. केरल के वन विभाग ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51-ए (जी) को बताने के लिए ट्विटर पर यह भी लिखा है कि जानवरों पर दया करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है.