अचानक बंद कर दिया गया एटलस साईकिल का आखिरी प्लांट, हजार कर्मचारी हुए बेरोजगार

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देश की साइकल बनाने वाली बड़ी कंपनी एटलस ने बुधवार को साइट-4 स्थित अपनी फैक्ट्री अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी. यहां के सभी कर्मचारियों की बैठकी कर दी गई. बुधवार सुबह कर्मचारी काम पर आए तो फैक्ट्री के बाहर मैनेजमेंट की ओर से लगा नोटिस पढ़कर ठगे से रह गये. अचानक फैक्ट्री बंद होने से यहां काम करने वाले कर्मचारियों के आगे अब परिवार चलाने का सं’कट खड़ा हो गया है. 2 जून तक इस फैक्ट्री में सामान्य दिनों की तरह काम हुआ. 3 जून की सुबह कर्मचारी काम करने पहुंचे तो ले-ऑफ का नोटिस लगा देखा. इसमें लिखा था कि कंपनी का कामकाज चलाने के लिए रुपये नहीं हैं. न ही उनके पास कोई निवेशक है. कंपनी 2 साल से घाटे में है और अपना दैनिक खर्च भी नहीं निकाल पा रही है, इसलिए कर्मचारियों को ले-ऑफ पर भेजा जा रहा है.

कर्मचारी साप्ताहिक अवकाश को छोड़कर रोजाना फैक्ट्री के बाहर मशीन के जरिए अपनी हाजिरी लगाकर जाएंगे. साहिबाबाद साइट-4 में साइकल बनाने वाली इकलौती कंपनी एटलस में लगभग 1000 कर्मचारी काम करते हैं. आपको बता दें कि 1947 में भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के बाद कराची से भारत आए जानकी दास कपूर ने एटलस साइकल कंपनी की स्थापना 1951 में की थी. कंपनी का साहिबाबाद स्थित यह प्लांट लास्ट था. इससे पहले कंपनी मध्यप्रदेश के मालनपुर और हरियाणा के सोनीपत के प्लांट भी बंद चुकी है. बताया जा रहा है कि इस फैक्ट्री में सबसे ज्यादा उत्पादन होता था. कंपनी यहां हर साल लगभग 40 लाख साइकल बनाती थी.

अचानक ही फैक्ट्री बंद होने से सभी कर्मचारी सकते में हैं. बहुत से कर्मचारी ऐसे हैं जो यहाँ कई सालों से काम कर रहे हैं और अब बुढ़ापे की अवस्था में हैं. ऐसे में दूसरी नौकरी न मिलने की स्थिति में घर परिवार के जीवनयापन की चिंता उन्हें खाए जा रही है. बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने एटलस साइकल का कारखाना बंद होने को लेकर कर्मचारियों के समर्थन में ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा, ‘ऐसे समय जबकि लॉक’डाउन के कारण बंद पड़े उद्योगों को खोलने के लिए आर्थिक पैकेज आदि सरकारी मदद देने की बात की जा रही है, वहीं यूपी के गाजियाबाद स्थित एटलस जैसी प्रमुख साइकल फैक्ट्री के धन अभाव में बन्द होने की खबर चिन्ताओं को बढ़ाने वाली है. सरकार तुरन्त ध्यान दे तो बेहतर है.’