इस साल की हज यात्रा पर असमंजस बरक़रार, यात्रा कैंसिल करने वाले भारतीयों को ऐसे मिलेगा रिफंड

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कोरोना वायरस के कारण दुनिया की रफ़्तार पर ताला जड़ चुका है. दुनिया के कोरोना सं’कट के बीच इस बार होने वाली हज यात्रा पर भी सं’कट के बादल मंडरा रहे हैं. इस बार की हज यात्रा रद्द होने को लेकर भारतीय हज कमेटी ने कहा है कि जो लोग खुद ही यात्रा कैंसिल करना चाहते हैं उन्हें पूरी जमा राशि लौटा दी जाएगी. हज कमेटी ने यह भी कहा कि अब तक सऊदी अरब के अफसरों की तरफ से कोई भी जानकारी नहीं दी गई है. अगर इस बार हज रद्द होता है तो यह 222 साल में पहली बार होगा. सऊदी में 95 हजार 700 से ज्यादा कोरोना संक्रमित हैं और 642 मौ’तें हो चुकी हैं.

कोरोना संकट को देखते हुए जो लोग अपनी हज यात्रा रद्द करने का विचार कर रहे हैं उन्हें कैंसिलेशन के लिए हज कमेटी की वेबसाइट से कैंसिलेशन फॉर्म डाउनलोड करना होगा. यह फॉर्म भरकर ceo.hajcommittee@nic.in पर भेजना होगा. यात्रा कैंसिल हो जाने पर सीधे खाते में पैसे आएंगे. कैंसिलेशन फॉर्म के साथ बैंक पासबुक की कॉपी या कैंसिल चेक भी अटैच करना पड़ेगा. कोरोना संक्रमण को देखते हुए सऊदी अरब ने मार्च में बताया था कि इस साल के हज की तैयारियां अस्थाई तौर पर रोक दी गई हैं. हज कमेटी का कहना है कि सऊदी की ओर से अभी तक कोई नया अपडेट नहीं मिला है, जबकि कई लोग इस बारे में जानकारी मांग रहे थे. इसलिए फैसला लिया है कि जो लोग रजिस्ट्रेशन कैंसिल करना चाहें वे बता सकते हैं.

कोरोना के चलते दुनियाभर के धार्मिक स्थलों को बंद किया गया है. इसका असर सऊदी अरब में मक्का-मदीना पर भी दिख सकता है. बता दें कि इससे पहले हज यात्रा 1798 में रद्द की गई थी. सऊदी सरकार ने 27 फरवरी को उमराह पर भी बैन लगा दिया था. वहीँ, पिछले साल करीब 20 लाख लोग हज के लिए पहुंचे थे. सऊदी अरब को हज यात्रा से करीब 92 हजार करोड़ रुपए (12 अरब डॉलर) की इनकम होती है. अगर यात्रा रद्द होती है, तो सऊदी अरब की इकोनॉमी के लिए मुश्किल और बढ़ जाएगी, क्योंकि महामा’री की वजह से तेल की कीमतें पहले ही काफी गिर चुकी हैं.