कोरोना वायरस के दौर में महाराष्ट्र में मिशन ‘बिगेन अगेन’ के तहत जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है. दुकान, पब्लिक ट्रांसपोर्ट व अन्य सेवाओं को सशर्त शुरू किया गया है. इस बीच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य की जनता को हिदायत देते हुए कहा कि अगर सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन नहीं किया गया, तो दी गई ढील को वापस ले लिया जाएगा. उन्होंने यह बात उस खबर के बाद कही, जब उन्हें जानकारी मिली थी कि बसों में चढ़ने को लेकर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की मीटिंग के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो लॉक’डाउन जारी रहेगा लेकिन मुझे विश्वास है कि लोग सरकार के नियमों व दिशा-निर्देशों को सुनेंगे क्योंकि ये उन्हीं की भलाई के लिए हैं.

इस दौरान सीएम ठाकरे ने लोकल ट्रेनों को भी चलाने की मांग की. उन्होंने कहा कि लोकल ट्रेनें मुंबई की लाइफलाइन हैं. इनके शुरू होने से बसों पर लोड कम हो जाएगा. कोरोना की वजह से महाराष्ट्र विधानसभा का मानसून सत्र भी टाल दिया गया है. पहले यह 22 जून से शुरू होना था, लेकिन अब यह 3 अगस्त से शुरू होगा. बता दें कि देश में कोरोनावायरस के सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में ही सामने आए हैं.अकेले महाराष्ट्र ने ही कोरोना मामलों को लेकर चीन को पीछे छोड़ दिया है. राज्य में अब तक कोरोना के 94,041 केस सामने आ चुके हैं. 3,438 मरीजों की मौ’त हुई है. बुधवार को 3,254 नए कोरोना केस सामने आए और 149 लोगों की मौ’त हुई. अकेले मुंबई में ही कोरोना संक्रमितों की संख्या 52,667 है. महाराष्ट्र का रिकवरी रेट 47.34 प्रतिशत और मृ’त्युदर 3.65 प्रतिशत है.