अगर कहा जाये कि कोरोना वायरस महामारी ने दुनिया का रंग-ढंग पूरी तरह बदल दिया है तो कुछ गलत नहीं होगा. कोरोनावायरस महामारी के बाद दुनियाभर में पर्यटन के लिए भी कई तरह के अनोखे कदम उठाए जा रहे हैं. कहीं सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए पर्यटकों को समुद्र तटों पर आने की सलाह दी जा रही है तो कहीं होटलों में मेहमाननवाजी के लिए भी रोबोट का इस्तेमाल किया जा रहा है. कई जगहों पर सतर्कता बरतते हुए कई तरह के प्रतिबंध भी लगाए जा रहे हैं. साइप्रस ने तीन क्वारेंटाइन होटल बनाने की घोषणा की है जिसमें कोरोना पॉजिटिव पाए गए पर्यटक का परिवार और उसके दोस्त पूरे आराम से खुद को आईसोलेट कर सकेंगे.

साइप्रस के क्वारेंटाइन होटलों के 500 कमरों में रुकने की व्यवस्था मुफ्त में सरकार की तरफ से की जाएगी. हर रात लोग अपने कमरों की बालकनी से तरह-तरह के आयोजनों को आनंद उठा सकेंगे. इनमें बिंगो, कैरोके, डीजे नाइट और संगीत की रंगारंग पेशकश भी शामिल होंगी. इसके अलावा रूम सर्विस की सुविधा भी उपलब्ध होगी. साइप्रस के उप पर्यटन मंत्री सावास पेरडिओस ने कहा कि सरकार इसी कड़ी में एक विशेष अस्पताल भी बनाएगी. इस अस्पताल में पॉजिटिव पाए जाने वाले पर्यटकों का समुचित इलाज किया जाएगा ताकि छुट्टियों के दौरान उन्हें कोई भी असुविधा न हो. इस अस्पताल में आईसीयू और वेंटिलेटर की भी व्यवस्था की जाएगी और इलाज का सारा खर्च सरकार खुद उठाएगी.

पेरडिओस ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जुलाई के मध्य से यूके के पर्यटक यहां आना शुरू कर देंगे. अगस्त और सितंबर का महीना यहां छुट्टियां मनाने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. क्रिसमस से पहले यहां मौसम गर्म रहता है. मंगलवार से हवाईअड्डों को भी श्रेणी ए के देशों के लिए खोल दिया गया है. इनमें ग्रीस, जर्मनी,ऑस्ट्रिया और डेनमार्क शामिल है. सभी पर्यटकों का आने से पहले परीक्षण किया जाएगा. 20 जून से इन देशों से आने वाले पर्यटकों को परीक्षण करवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. पोलैंड और स्विट्जरलैंड के पर्यटकों को आने से पहले परीक्षण करवाना फिलहाल अनिवार्य होगा..