देश में जैसे जैसे कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं, वैसे-वैसे अमा’नवीयता भी बढती जा रही है. अब से महीने भर पहले तक ऐसे मामले विदेशों में ही सामने आये थे जब परिजनों ने ही परिवार के सदस्य को कोरोना ग्रसित होने के शक में इलाज या देखभाल करने की बजाय अकेला म’रने के लिए छोड़ दिया. ऐसे ही मामले अब भारत में भी सामने आने लगे हैं.  उत्तर प्रदेश के डासना में बीमार मां-बाप का इलाज कराने के बजाय कलयुगी बेटों ने उन्हें कोरोना संक्रमित समझ कमरे में बंद कर दिया. दो दिन तक कमरे में बंद बुजुर्ग दंपती ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया. दोनों बुजुर्ग की मौ’त के बाद पड़ोसियों को घ’टना की जानकारी हुई. अब स्वास्थ्य विभाग ने घर के बाकी लोगों का टेस्ट कराने की बात कही है. डासना के रफीकाबाद में बुजुर्ग महिला की पिछले एक सप्ताह से तबीयत खराब थी. सांस लेने में परेशानी होने पर बेटे इलाज के लिए पिलखुवा के एक निजी अस्पताल ले गए. अस्पताल में डॉक्टर ने महिला की कोरोना जांच कराने की सलाह दी, लेकिन परिजन जांच कराने के बजाए वापस ले आए और घर के एक कमरे में सबसे अलग रख दिया. महिला का पति उनकी देखरेख करने लगा.

इस दौरान उनकी भी तबीयत खराब हो गई. अस्पताल ले जाने पर चिकित्सक ने उनकी भी कोरोना जांच कराने की सलाह दी, लेकिन बेटे उन्हें भी बिना जांच कराए घर ले आए और मां के साथ पिता को भी उसी कमरे में बंद कर दिया. ज्यादा तबीयत बिगड़ी तो प्राइवेट डॉक्टर से घर में ही ऑक्सीजन भी लगवा दी लेकिन अस्पताल ले जाने की जहमत नहीं उठाई.  इलाज के अभाव में बुधवार को बुजुर्ग पुरुष और बृहस्पतिवार को बुजुर्ग महिला पत्नी की मौ’त हो गई. दोनों की मौ’त के बाद पड़ोसियों को घट’ना की जानकारी हुई. स्थानीय लोगों की मानें तो बुजुर्ग के चार बेटे और बहू हैं, इसके बावजूद कोई भी उनके पास नहीं गया. उधर, सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता का कहना है कि दोनों के मौ’त की जानकारी नहीं है, लेकिन टीम भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी. अगर घर में किसी अन्य सदस्य में इस तरह के लक्षण हैं तो उनकी जांच कराई जाएगी.

ये एक ही मामला नहीं है, ऐसी ही बेटे की अमान’वीयता की दूसरी घटना मुरादनगर में सामने आई. यहां भी बुजुर्ग मां के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि होने पर बेटे ने उन्हें अलग कमरे में बंद कर दिया. पड़ोसियों की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो बुजुर्ग महिला की हालत देख दंग रह गई. उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही थी और शरीर में ऑक्सीजन का स्तर कम हो रहा था. गंभीर स्थिति में महिला को लाकर संतोष अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौ’त हो गयी.