लगातार तेज़ी से फैलते कोरोना वायरस को देखते हुए अब तक देश के कई राज्य दोबारा लॉक’डाउन की घोषणा कर चुके हैं. इस फेहरिस्त में अब बिहार भी शामिल हो गया है. बिहार सरकार ने कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए संपूर्ण लॉक’डाउन को बढ़ाकर 31 जुलाई तक कर दिया है. आ’पातकालीन सेवाओं को इसमें छूट दी गई है. हालांकि, लॉक’डाउन को लेकर अभी कोई गाइडलाइंस जारी नहीं की गयी हैं. इसके जल्द ही जारी होने की संभावना है.

सोमवार को इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार किया गया था, जिस पर अंतिम निर्णय के लिए आज मुख्य सचिव दीपक कुमार की अध्यक्षता में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (सीएमजी) की बैठक हुई. इस बैठक में, वाहन परिचालन को लेकर क्या नियम बनाए जाएंगे और क्या सार्वजनिक वाहन को फिर से चलाने की अनुमति होगी या नहीं, इस पर निर्णय लिया गया. फिलहाल राजधानी पटना समेत दर्जन भर जिलों में 16 जुलाई या इससे अधिक समय तक लॉक’डाउन प्रभावी है.

वहीं, धार्मिक संस्थानों को भी खोलने की अनुमति नहीं दी गई है. फल और सब्जी की दुकानों को केवल सुबह-शाम खोला जा सकेगा. गौरतलब है कि, कोरोना से चिंतित प्रशासन ने बिहार के कई जिलों में 10 से 16 जुलाई तक लॉक’डाउन लागू किया है. बता दें कि, बिहार में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है. बीते 10 दिनों में बिहार में रिकॉर्ड कोरोना मरीज सामने आए हैं. इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पटना स्थित सरकारी आवास पर भी कई लोग कोरोना वायरस पॉजिटिव मिले हैं.