कोरोना वायरस से जूझ रही दुनिया के लिए एक राहत भरी खबर है. ब्रिटेन की दवा कंपनी ‘सिनार्जिन’ ने बताया है कि उसकी इंटरफेरान बीटा प्रोटीन पर आधारित दवा एसएनजी001 से कोरोना के मरीजों को काफी फायदा हो रहा है. यही नहीं हालिया ट्रायल में इस दवा के इस्‍तेमाल से अस्‍पताल में भर्ती मरीजों को आईसीयू की जरूरत बहुत कम पड़ रही है. कोरोना वायरस की दवा एसएनजी001 के अंदर प्राकृतिक रूप से एंटीवायरल प्रोटीन है जिसे सूंघकर लिया जाता है और यह धुंध के रूप में फेफड़े तक पहुंचता है. कंपनी ने दावा किया कि जिन मरीजों को यह एसएनजी001 दवा दी गई, उनके अंदर गंभीर रूप से बीमार होने का ख’तरा 79 प्रतिशत कम हो गया. यही नहीं जिन मरीजों को यह दवा दी गई, वे अन्‍य मरीजों की तुलना में बहुत जल्‍दी ठीक हो गए.

इस दवा से कोरोना के मरीजों को सांस लेने में भी कम दिक्‍कत हुई. यह अध्‍ययन 101 मरीजों पर 30 मार्च से 27 मई के बीच किया गया था. इस अध्‍ययन के परिणाम बहुत शानदार आ रहे हैं. सिनार्जिन कंपनी के सीईओ रिचर्ड मर्सडेन ने कहा, ‘एसएनजी001 दवा का यह अध्‍ययन अस्‍पताल में भर्ती कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज में बड़ी सफलता का संकेत हो सकता है.’ मर्सडेन ने कहा कि हमारा प्रयास अब सरकार और अन्‍य महत्‍वपूर्ण समूहों के साथ मिलकर काम करने पर है ताकि जल्‍द से जल्‍द कोरोना की दवा तैयार की जा सके. इस ट्रायल के मुख्‍य जांचकर्ता टॉम विलकिन्‍सन ने भी नई दवा की प्रशंसा की है. उन्‍होंने कहा कि ट्रायल के दौरान सकारात्‍मक नतीजे सामने आए हैं. उन्‍होंने कहा कि इंजेक्‍शन के जरिए दिया जाने वाला इंटरफेरान बीटा प्रोटीन नाक के जरिए देकर फेफड़ों के इम्‍यून स‍िस्‍टम को बहाल किया जा सकता है.