कोरोना काल में दुनिया भर में मास्क पहनना अनिवार्य हो चुका है. कई देशों में मास्क न पहनने पर अलग-अलग जु’र्माने व् स’जा का प्रावधान हो चुका है. भारत में भी विभिन्न राज्यों ने मास्क को अनिवार्य करते हुए जु’र्माने का प्राव’धान कर दिया है. भारत के तमाम राज्यों में से सबसे ज्यादा सख्त नियम झारखण्ड ने बनाये हैं. झारखंड में कोरोना नियमों की अनदेखी और मास्क न पहनने पर एक लाख रुपये का जु’र्माना और 2 साल की जे’ल भी हो सकती है. झारखंड कैबिनेट ने बुधवार को संक्रामक रोग अध्यादेश 2020 को पारित कर दिया.

इसमें कहा गया है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का उ’ल्लं’घन करने पर और मास्क न पहने पाए जाने पर 1 लाख रुपये का जु’र्माना लगाया जाएगा. इसके साथ ही नए नियम के तहत अगर कोई नियमों का उ’ल्लं’घन करता है या मास्क नहीं पहनता है तो उसे 2 साल तक जे’ल में रहना पड़ सकता है. कोरोना मरीजों के बढ़ते आंकड़ों की बात करें तो झारखंड में भी कोरोना मरीजों का आंकड़ा तेजी से बढ़ता जा रहा है. इस वजह से अब सरकारी अस्पतालों में जगह नहीं है. सरकार ने फैसला किया है अब प्राइवेट हॉस्पिटल और बैंकेट हॉल का इस्तेमाल अब आइसोलेशन वार्ड बनाने में किया जाएगा, हालांकि सरकार के इस फैसले का रांची के स्टेशन रोड पर रहने वाले लोग वि’रोध कर रहे हैं.

लोगों का कहना है कि सरकार की ओर से कोरोना मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड रिहायशी इलाकों में बनाया जा रहा है, इस वजह से उनकी जिंदगी संकट में पड़ गई है. रांची के स्टेशन रोड पर रहने वाले 200 परिवारों ने सरकार के फैसले का वि’रोध किया है और कहा है कि आइसोलेशन वार्ड को कहीं और बनाया जाए. स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से गुरुवार सुबह जारी आंकड़ों के मुताबिक, झारखंड में कुल मरीजों की संख्या 6,485 है, जिसमें 64 लोगों की मौ’त हो चुकी है. अब तक 3,024 मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 3,397 एक्टिव केस है. पिछले कुछ दिनों में संक्रमितों की संख्या में इजाफा हुआ है.