गरीबी और तंत्र-मन्त्र के चक्कर में फंस कर एक शख्स द्वारा अपने ही बच्चों की ह’त्या करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. हरियाणा के जींद में एक व्यक्ति को अपने ही बच्चों की ह’त्या के आरो’प में गि’रफ्तार किया गया है। हाल ही में आरो’पी की दो बेटियां 11 वर्षीय मुस्कान और 7 वर्षीय निशा नहर में डूबकर म’र गई थीं। पु’लिस ने इन दोनों बच्चियों के अलावा एक और बेटी और दो बेटों को मा’र डालने के आरो’प में इस शख्स को गिर’फ्तार किया है। आशंका जताई जा रही है कि इस शख्स ने एक तांत्रिक के कहने पर अपने ही पांच बच्चों को मौ’त के घाट उतार दिया।

जींद पुलिस ने 20 जुलाई को दो लड़कियों (मुस्कान और निशा) का श’व हांसी-बुटाना लिंक नहर से 15 जुलाई को बरामद किया था. ये लड़कियां 15 जुलाई को दिदवाड़ा गांव से गायब हो गई थीं। बच्चियों के गायब होने के बाद उनके पिता जुम्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी। जुम्मा मजदूर है और उसकी पत्नी अब छठी बार गर्भवती है। 38 वर्षीय आरो’पी जुम्मा ने हाल ही में मीडिया को बताया था कि पांच साल में उसके पांच बच्चों की सं’दि’ग्ध परिस्थितियों में मौ’त हो चुकी है. नहर से दोनों बच्चियों के श’व बरामद होने के बाद अडिशनल एसपी अजीत सिंह शेखावत ने बताया कि गुम’शुदगी का के’स दर्ज हुआ था लेकिन श’व बरामद होने के बाद ह’त्या की आशंका गहराई और के’स दर्ज हुआ।

माना जा रहा है कि जुम्मा ने ही अपनी बेटियों को कोई न’शीली दवा देकर गहरी नींद में सुला दिया और फिर नहर में फेंक आया। गौरतलब है कि जुम्मा ने अपने कुछ पड़ोसियों के सामने अपने इस अप’राध का जिक्र करते हुए पश्चाताप जताया। जिसपर उसके पड़ोसियों ने पु’लिस को सूचना दी लेकिन पड़ोसियों की सूचना पर कोई कार्र’वाई नहीं की गई। जुम्मा ने एक बार फिर से अपना अप’राध लगभग 30 लोगों के सामने कबूल किया। जिस पर पु’लिस बुलाई गई। आरो’पी जुम्मा ने क़ुबूल किया है कि गरीबी में बच्चों को पाल पाने में असमर्थता के चलते उसने अपने बच्चों की ह’त्या की है. फिलहाल मामले की जांच जारी है।