हाल ही में सरकार ने कई चीनी एप्स को देश भर में बैन कर दिया था. भारत-चीन के तल्ख़ होते रिश्तों के बीच इस बैन को चीन पर भारत की ‘डिजिटल स्ट्राइक’ माना गया. अब खबर है कि एक बार फिर केंद्र सरकार चीनी टेक कंपनियों के खिला’फ बड़ी कार’वाई करने जा रही है. एक बार फिर कुछ चीनी एप्स पर बैन लगाने की तैयारी की जा रही है. इस बार तक़रीबन 47 एप्स बैन किये जाने की सम्भावना है.

माना जा रहा है कि ये एप्स पहले बैन किये एप्स की क्लोनिंग हैं. उदाहरण के तौर पर चीनी ऐप टिकटॉक बैन होने के बाद टिकटॉक लाइट के रूप में मौजूद था. इसके अलावा भी सरकार ने 275 अन्य चीनी ऐप्स की लिस्ट बनाई है. अभी जांच की जा रही है कि ये ऐप्स किसी भी तरह से नेशनल सिक्योरिटी और यूज़र प्राइवेसी के लिए ख’तरा तो नहीं बन रहे हैं. सूत्रों के अनुसार जिन कंपनियों का सर्वर चीन में है, पहले उन्ही पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है.

इस लिस्ट में कुछ टॉप गेमिंग चीनी ऐप्स भी शामिल हैं, जिन्हें बैन किया जा सकता है. रिव्यू की जा रही ऐप्स की लिस्ट में  पबजी गेम, जिली, कैपकट, फेसयू, मिटू, एलबीई टेक, परफेक्ट कॉर्प, सीना कॉर्प, नेटीज गेम्स, अलीएक्सप्रेस, रेसो और यूलाइक जैसे एप शामिल हैं. बताया जा रहा है कि सरकार इन सभी 275 ऐप्स को या इनमें से कुछ ऐप्स को बैन कर सकती है. आधिकारिक सूत्र के मुताबिक पाया गया है कि कुछ ऐप्स राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खत’रनाक हैं. साथ ही कुछ ऐप डेटा शेयरिंग और प्राइवेसी के नियमों का उ’ल्लं’घन कर रहे हैं.