कोरोना काल में जहाँ सावधानी की बेहद सख्त ज़रूरत है, वहीँ गुजरात में एक ऐसी लापरवाही सामने आई है, जिसके परिणाम न केवल बुरे हुए हैं बल्कि कुछ दिनों में और भी बुरे परिणाम सामने आयेंगे. यहाँ एक अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण आग लग गयी, जिसमें झुलसने से 8 लोगों की मौ’त हो गयी. गुजरात की राजधानी अहमदाबाद के नवरंगपुरा इलाके के एक कोविड अस्पताल में ‘श्रेय हॉस्पिटल’ में आग लगने से 8 लोगों की मौ’त हो गयी. इनमें 5 पुरुष और 3 महिलाएं शामिल हैं. म’रने वाले सभी लोग कोरोना के मरीज थे. एडिशनल चीफ सेक्रेटरी राजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि श्रेय हॉस्पिटल को लापरवाही के कारण दुर्घ’टना होने पर सील कर दिया गया है. अस्पताल के 41 कोरोना मरीजों को सरदार वल्लभ भाई पटेल अस्पताल में शिफ्ट किया गया है. श’वों को पो’स्टमा’र्टम के लिए भेज दिया गया है.

पु’लिस द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार श्रेय अस्पताल में सबसे पहले आग आईसीयू में लगी. आग देर रात 3:30 बजे लगी. आईसीयू से होते हुए आग अन्य वार्डों में भी फैल गई. अभी तक की जानकारी के अनुसार, आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है. बता दें, इस अस्पताल में कोविड के मरीजों के लिए 50 बेड हैं. हादसे के वक्त 40 से 45 मरीज भर्ती थे. आग लगने की सूचना पर पहुंची पु’लिस और फा’यर बिग्रेड के कर्मचारियों ने मरीजों को भी आनन-फानन में दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया. पीएम मोदी ने मा’रे गए लोगों के परिवार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपए देने का ऐलान किया है. वहीँ, घा’यलों को 50-50 हजार की मदद दी जाएगी. गुजरात के मुख्यमंत्री रूपाणी ने इस घ’टना के जांच के आदेश दे दिए हैं. इस जांच का नेतृत्व एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (होम डिपार्टमेंट) संगीता सिंह करेंगी. मुख्यमंत्री ने तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा है.