इन दिनों पूरी ही दुनिया अलग-अलग तरीकों से एकसाथ कुदरत की चौतरफा मा’र झेल रही है. लग रहा है जैसे प्रकृति ने भी इन्सान की सदियों की गलतियों की स’ज़ा एक साथ देने की ठान ली है. कोरोना ने तो दुनिया को जकड़ ही रखा है, इसके साथ ही साथ और भी तमाम मुसीबतें आकर इन्सान का इम्तेहान लेने में जुटी हुई हैं. एक ओर इन्सान की क्रू’रता और निर्म’मता के सबूत आये दिन दिखते रहते हैं, तो वहीँ दुनिया में इंसानियत के बाकी होने का एहसास दिलाने वाली घट’नाएं भी सामने आती रहती हैं. ऐसी ही एक वाकया सामने आया है केरल से. केरल में हुई जबरदस्त विमान दुर्घ’टना के बाद वहां के निवासियों ने कोरोना काल में भी जिस तरह मानवता का परिचय दिया, वो बेमिसाल है.

भारत में कोरोना जिन राज्यों में खत’रनाक स्तर पर फ़ैल रहा है, केरल भी उनमें से एक है. कम्युनिटी स्प्रेड के मुहाने पर खड़ा केरल कोरोना से बेहद बुरी तरह जूझ रहा है. इसके अलावा मानसून की झमाझम बरसात भी केरल पर जमकर बरस रही है. बारिश के कारण यहाँ रेड अलर्ट घोषित है. ऐसे में ही कोझिकोड में प्लेन क्रै’श की दुर्घ’टना भी हो गयी. दुर्घ’टनास्थल के आस पास के इलाकों के तमाम लोग ऐसे में बारिश और कोरोना की भी परवाह न करते हुए कोविड-19 के नियमों को तोड़ते हुए भी बचाव कार्य के लिए खुद ही आगे आ गए. ये स्थानीय निवासियों की मदद का ही नतीजा रहा कि घनघोर बारिश में भी मात्र डेढ़ घंटे में ही घा’यलों को रेस्क्यू कर अस्पताल में भी पहुंचा दिया गया. इतना ही नहीं, घा’यलों की मेडिकल ज़रूरत को देखते हुए कालीकट मेडिकल कॉलेज में आधी रात में भी रक्तदान करने वालों की लम्बी लाइन भी लग गयी.