सत्ता पर गिरी लेबनान वि’स्फोट की गाज, प्रधानमंत्री ने दिया इस्तीफा

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हाल ही में लेबनान की राजधानी बेरूत में हुए वि’स्फो’ट को लेकर वहां की जनता का सरकार के खि’लाफ वि’रोध प्रद’र्शन जारी है. ये वि’स्फो’ट कई साल से एक ही जगह लापरवाही से रखे वि’स्फो’टक पदार्थ के जखीरे में हुआ था. वि’स्फो’ट को लेकर प्रद’र्शन कर रही जनता के दबाव के चलते मंत्रिमंडल ने इस्तीफा दे दिया है. कई मंत्रियों के इस्तीफे और कुछ मंत्रियों के पद से हटने की इच्छा जाहिर करने के बाद बने दबाब में यह फैसला किया गया. मंत्रिमंडल की बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री हमाद हसन ने इस बारे में मीडिया को खबर दी. ध’माके के विरो’ध में बेरूत में पिछले दो दिन में प्रद’र्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झ’ड़प भी हुई है. हमाद ने कहा, ”समूची सरकार ने इस्तीफा दे दिया है.” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री हसन दियाब ने राष्ट्रपति भवन में सभी मंत्रियों का इस्तीफा सौंप दिया.

गौरतलब है कि गत 4 अगस्त को हुए वि’स्फो’ट में 160 लोगों की मौ’त हो चुकी है और लगभग छह हजार लोग घा’यल हुए हैं. लेबनान का मुख्य बंदरगाह भी इस हा’दसे में त’बाह हो गया है और राजधानी के भी बड़े हिस्से को नुकसान हुआ है. संक्षेप में कहें तो इस विस्फोट ने लेबनान का नक्शा तक बदल डाला है. माना जाता है कि बंदरगाह पर लम्बे समय से रखे 2750 टन अमोनियम नाइट्रेट में आग लगने से वि’स्फो’ट हुआ. इस वि’स्फो’ट से 10 से 15 अरब डॉलर के नुकसान की आशंका व्यक्त की गई है और ध’माके के बाद करीब तीन लाख लोग बेघर हो गए हैं.

इस ध’माके के पीछे किसी की सा’जिश होने की भी आशंका है, जिसकी जांच शुरू हो गयी है. देश के एक न्यायाधीश ने सोमवार (10 अगस्त) को सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों से पूछताछ भी की. न्यायाधीश गस्सान एल खोरी ने सुरक्षा प्रमुख मेजर जनरल टोनी सलीबा से पूछताछ शुरू की. इस संबंध में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है और अन्य जनरलों से भी पूछताछ होनी है. सरकारी अधिकारियों के अनुसार धमा’के के सिलसिले में लगभग 20 लोगों को हिरा’सत में लिया गया है जिनमें लेबनान के सीमा-शुल्क विभाग का प्रमुख भी शामिल हैं. उन्होंने बताया कि दो पूर्व कैबिनेट मंत्रियों समेत कई लोगों से पूछताछ की गई है.