संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने दक्षिण ग्रीक टापू क्रीट पर जंगी जहाज भेजे हैं। यहां ग्रीस की वायुसेना के साथ संयुक्त यु’ द्धाभ्या’ स किया जाएगा। ग्रीस और तुर्की के बीच ईंधन पर अधिकारों को लेकर तना’ वपूर्ण स्थिति के बीच UAE के इस कदम से संकट गहराने की आशंका पैदा हो गई है। ग्रीस के अधिकारियों ने बताया कि दो से चार जं’ गी जहाज UAE से सौदा नेवल बेस पहुंचेंगे और हेलेनिक एयर फोर्स के साथ अगले हफ्ते संयुक्त ट्रेनिंग और अभ्यास करेंगे .

यूएई ने ये कदम ऐसे वक्त में उठाया है जब तुर्की के साथ ग्रीस का तनाव चरम पर है. तुर्की ने पिछले महीने ग्रीस के समुद्री क्षेत्र में खनन करने के लिए नौ’ सेना के जहाजों की तैनाती की थी. तुर्की विवा’ दित समुद्री इलाकों पर अपना दावा पेश करता है और उसमें गैस भंडार के अभियान में जुटा हुआ है. दोनों देश ही नाटो के सदस्य हैं हालांकि, पिछले कुछ समय में तुर्की के सैन्य संगठन नाटो के साथ संबंध ख’राब हुए हैं.

यहां तक कि सीरिया में भी तुर्की ने अमेरिका समर्थित कु’ र्दिश सेनाओं के खिला’ फ हम’ ले किए हैं. तुर्की के हम’ ले से कुछ घंटे पहले ही अमेरिकी सेना ने यहां के अपने सैन्य ठिकाने को खाली किया था.

सीरिया के अलावा, मध्यपूर्व और अफ्रीका के कई संघर्ष क्षेत्रीय ताकतों के बीच प्रॉक्सी वार छिड़ गया है. हाल ही में, तुर्की ने अपनी सेना को लीबिया की जीएनए सरकार की मदद के लिए भेजा था जबकि जनरल हफ्तार की एलएनए पार्टी को फ्रांस, यूएई, रूस और इसरा’ यल का समर्थन हासिल है.