तुर्की मीडिया के मुताबिक़, एर्दोगान ने बुधवार को चार्ली हेब्दो पत्रिका की इस्लाम और पैगंबर मुहम्मद साहब का अप’मान करने वाले कार्टून को पुनः प्रकाशित करने के लिए कड़ी निं’दा की। एक बयान में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हामी अकोसी ने कहा कि यह कहना कि प्रेस, कला या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, मुसलमानों के प्रति इस अपमान और अ’पमा’न का औचित्य साबित करना संभव नहीं है।

अकोसी ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बहाने इस घ’टना को खारिज करने के लिए फ्रांसीसी अधिकारियों, विशेष रूप से राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन का रवैया भी “अस्वीकार्य” है।

उन्होने कहा, “हर अवसर पर, जो खुद को लोकतंत्र और उ’दारवा’दी के रूप में परिभाषित करते हैं, फ्रांस और यूरोप में फा’सीवादि’यों और नस्ल’वा’दियों की नई पीढ़ी की सेवा कर रहे हैं, जो इस तरह के न’स्लवा’दी और भे’दभा’वपूर्ण कार्यों का उपयोग करते हैं, जो इस्लाम विरो’धी और ज़ेनोफ़ोबिया को बढ़ाते हैं।”

अकोसी ने इसे “दयनी’य मानसिकता” बताया, उन्होने कहा, जो शांति में रहने वाले लाखों मुसलमानों को भड़’काने का प्रयास करता है, हर दिन सामाजिक सद्भाव, एकता और समानता के लिए एक झ’टका है। उन्होंने कहा, “जो लोग अनजाने में ऐसा कर रहे हैं उन्हें पता होना चाहिए कि वे सामाजिक शांति को नुक’सान पहुंचा रहे हैं।”

तुर्की ने राजनेताओं और यूरोपीय सहयोगियों से ऐसे हमलों के खिलाफ एक स्पष्ट रुख अपनाने का आग्रह किया जो मुस्लिम भावनाओं को बढ़ा रहे हैं और चो’ट पहुंचाते हैं।