बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में हजारों मुस्लिमों ने सड़क पर उतरकर बेल्जियम को हिजाब में बै’न करने के बाद विरो’ध प्रदर्शन किया।

तीन बेल्जियम एनजीओ ने #HijabIsFightBack नाम क्व एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जो सामाजिक समावेश और मुस्लिम महिलाओं के लिए ल’ड़ाई का प्रतिनिधित्व करता है।


हाल ही में बेल्जियम की एक शीर्ष अदालत ने विश्वविद्यालयों में “धार्मिक प्रतीकों” पर प्र’तिबंध लगाने की अनुमति दी, जिसमें हिजाब भी शामिल है। विरो’ध महिलाओं द्वारा किया गया। जिनमें हिजाब नहीं पहनना शामिल है, उनका कहना है कि हिजाब पर प्रति’बंध लगाना भे’दभा’व का संकेत है और वे उनके साथ एकजुटता दिखाने के लिए वहां मौजूद हैं।

इस बीच, प्रदर्शनकारियों ने विरो’ध प्रदर्शन के वक़्त सामाजिक दूरी के साथ-साथ मास्क पहन रखा था। यह फैसला तब आया जब मुस्लिम महिलाओं के एक समूह ने अपने छात्रों को हिजा’ब पहनने की अनुमति देने के लिए फ्रांसिस्को फेरर कॉलेज को चुनौती दी।

कुछ प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों जैसे ब्रसेल्स विश्वविद्यालय और कैथोलिक विश्वविद्यालय के लेउवेन ने भी प्रति’बंध के खि’लाफ वि’रोध किया और एक बयान जारी किया कि छात्र हिजाब पहन सकते हैं यदि वे चाहें।