इस” राइ’ ल और UAE के मित्रता समझौते के बाद दुनियाभर के मुस्लिमों ने UAE के ख़िलाफ़ ना’राज़’गी ज़ाहिर की हैं। इस समझौते के साथ ही इ’सराइ’ ल ने वेस्ट बैंक में अपने कब्ज़े वाले हिस्सों की वि’ वादा स्पद योजनाओं को निलंबित करने पर सहमति ज़ाहिर की है।इस समझौते के बाद संयुक्त अरब अमीरात पहला ऐसा खाड़ी अरब देश बन गया है जिसने इ’सराइ’ ल के साथ संबंध सामान्य करने के लिए समझौता किया है।

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक़, UAE ने इसे क्षेत्र में कूटनीति की ‘जीत’ बताया, वहीं इ’ सराय ‘ल ने इसे दोनों देशों के लिए ‘ऐतिहासिक दिन’ कहा। लेकिन, इस समझौते पर पूरे विश्व से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ देशों ने इसका स्वागत किया है, तो कुछ ने इसे ‘ढोंग’ तक कहा है।

एर्दोगान ने ना’राज़’गी ज़ाहिर करते हुए कहा कि संयुक्त अरब अमीरात को इतिहास कभी माफ़ नहीं करेगा। तुर्की ने कहा कि यह यूएई का पाखं’डपूर्ण व्यवहार है। तुर्की के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इतिहास और क्षेत्र के लोगों की अंतरात्मा इ’सरा’ इल के साथ समझौते पर संयुक्त अरब अमीरात के ‘ढों’गी व्यवहार’ को कभी नहीं भूल पाएगी क्योंकि अपने हितों के लिए उसने यह निर्णय लिया है।

एर्दोगान ने आगे कहा कि, “ये बेहद चिं’ताज’नक है, यूएई को अरब लीग द्वारा विकसित ‘अरब शांति योजना’ के साथ चलना चाहिए था. यह ज़रा भी विश्वसनीय नहीं है कि इस तीन-तरफ़ा घोषणा को फ़लस्तीनी लोगों के फ़ायदे का बताया जा रहा है.”