पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान रोड का उद्घाटन किया है। यह खैबर पख्तूनख्वा के मोहमंद जिले में 42 किलोमीटर की सड़क है। इस परियोजना को यूएई पाकिस्तान सहायता कार्यक्रम यानी यूएई-पीएपी की सहायता से पूरा किया गया है।

इस पर 29,117,000 डॉलर की लागत आई है, जिसे अबू धाबी फंड फॉर डेवलपमेंट द्वारा वित्तपोषित किया गया है। सड़क का उद्घाटन पाकिस्तानके यूएई के निरंतर सहयोग के रूप में राष्ट्रपति हिज हाइनेस शेख खलीफा बिन जायद अल नहयान के निर्देशों के कार्यान्वयन; अबू धाबी के क्राउन प्रिंस और यूएई सशस्त्र बलों के उप सर्वोच्च कमांडर हिज हाइनेस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान के सहयोग और उप प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति मामलों के मंत्री हिज हाइनेस शेख मंसूर बिन जायद अल नहयान के अनुसरण में है।

यूएई-पीएपी के निदेशक अब्दुल्ला खलीफा अल गफली ने सड़क के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में सबसे बड़ी और सबसे महत्वपूर्ण आधुनिक विकास परियोजनाओं में से एक है। सड़क नौ शहरों और छह गांवों को जोड़ती है और इसका उपयोग 627,000 से अधिक लोगों द्वारा किया जाएगा। इसकी चौड़ाई 9.3 मीटर तक है और इसमें एक सुरंग और नौ पुल व जल निकासी की व्यवस्था है। अल गफली ने कहा कि सड़क एक सुरक्षित राजमार्ग के माध्यम से परिवहन को बेहतर बनाने में योगदान देगी।

यह क्षेत्र से माल, कृषि, खनिज और पशु उत्पादों व निर्माण सामग्री के परिवहन में आसानी व गति प्रदान करने में मदद करेगा, जिससे पाकिस्तान के मुख्य वितरण केंद्रों को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने मानवीय कार्यों के लिए यूएई की रणनीति के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों में पाकिस्तानियों के लिए मानवीय सहायता पहल और कार्यक्रम प्रदान करने और विकास परियोजनाओं को लागू करने के महत्व पर बल दिया। यह दुनिया के लोगों के बीच सहिष्णुता, शांति, विकास के मूल्यों का प्रतीक है। अल गफली ने यह भी बताया कि सड़क का नाम हिज हाइनेस शेख मोहम्मद बिन जायद के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने सालों से पाकिस्तानी लोगों के लिे स्थायी विकास परियोजनाओं लगातार मदद की है।

उद्घाटन समारोह में खैबर पख्तूनख्वा और आदिवासी क्षेत्रों के राज्यपाल आलम खट्टक; खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री महमूद खान; पाकिस्तानी सेना के सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल क़मर जावेद बाजवा; पाकिस्तान में यूएई के राजदूत हमद ओबैद इब्राहिम सलेम अल ज़ाबी और कई स्थानीय मंत्री, वरिष्ठ कमांडर, पाकिस्तानी सेना के अधिकारी, सरकार व स्थानीय विभागों के प्रतिनिधि ने भाग लिया।