अजरबैजान के राष्ट्रपति ने गुरुवार को घोषणा की कि अर्मेनिया के कब्जे से तीन क्षेत्रों में छह और गांवों को मुक्त कर दिया गया है। उन्होने ट्वीट किया, “अजरबैजान की शानदार सेना ने फुजौली जिले के अरिश गांव, जुबेरिल जिले के दोशुलु गांव, और एडिशे, डुडुची, एडिली और चिरागुज को मुक्त कर दिया है।”

इससे पहले हाल ही में अज़रबैजान की सेना ने अर्मेनियाई कब्जे से आठ गांवों को मुक्त कराया था। जिसमे फाजुली जिले के गरदागली, खातुनबुलग, गराकोलू गाँवों और खुजावेंड जिले के बुलुतन, मेलिकजनली, केमर्टुक, टेके और टैगसर गाँव शामिल है। इसके अलावा सेरेबिल, हैड्रट, और 30 से अधिक गांवों को पहले से मुक्त करा दिया गया था।

अपने बयान में राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने चेता’वनी दी है कि यदि आर्मेनिया “नका’रात्म’क तरीके से काम करता है” तो उनके देश की सेना सभी नागोर्नो-करबाख क्षेत्र पर क’ब्जा कर लेगी, जबकि यह आश्वासन देते हुए कि विवादित क्षेत्र पर दो पक्षों के बीच संघर्ष को तीन दशकों की बातचीत बाद सुलझाया जा सकता है।

गुरुवार को तुर्की के प्रसारक एनटीवी से बात करते हुए, अलीयेव ने कहा कि अज़ेरी सेना ने पहले से ही करबख के पांच प्रमुख क्षेत्रों में से दो को नियंत्रित किया है और जब तक कि आर्मेनिया एक विशिष्ट समय सारिणी के तहत क्षेत्र की अपनी सेना को बाहर निकालने पर सहमत नहीं हो जाते, तब तक वे उन सभी को ले लेंगे।

नागोर्नो-काराबाख के लिए सैन्य पर्यवेक्षकों को तैनात करने के एक रूसी प्रस्ताव के बारे में पूछे जाने पर, अलीयेव ने कहा कि इस तरह के कदम पर संघ’र्ष के अंत की ओर चर्चा की जानी चाहिए और इसके लिए अज़रबैजान की मंजूरी की आवश्यकता होगी।