Muslim Pro और Quran App पर एकत्र किए गए दुनिया भर के लाखों मुसलमानों के डेटा को अमेरिकी सेना को सौपने का आरोप है। इस मामले में कंपनी के खि’लाफ के’स दर्ज किया गया है।

फ्रांस के आरटीएल रेडियो (RTL Radio) ने मुस्लिम प्रो ऐप पर दर्ज हुए मामले का खुलासा किया है। ऐप के खिला’फ दर्ज की गई शि’काय’त में ऐप पर डेटा संरक्षण अप’रा’धों, विश्वा’सघा’त, लोगों के जीवन को खत’रे में डालने और ह’त्या करने की सा’जिश करने के आ’रोप लगाए गए हैं।

मुस्लिम प्रो “मोस्ट पॉपुलर मुस्लिम ऐप!” है। जिसमे कुरान की ऑडियो-रीडिंग भी शामिल है। ऐप को दुनिया भर में एंड्रॉइड डिवाइस पर 50 मिलियन और मुस्लिम प्रो की वेबसाइट के अनुसार iOS सहित अन्य प्लेटफार्मों पर कुल 95 मिलियन से अधिक बार डाउनलोड किया गया है।

मुस्लिम प्रो ऐप में एक जियोलोकेशन ऑप्शन है जो इसके यूजर्स को प्रार्थना के घंटे और मक्का की दिशा मालूम करने में मदद करता है।

प्रौद्योगिकी वेबसाइट मदरबोर्ड ने बताया, अमेरिकी सेना ने डेटा को प्राप्त करने के लिए दो अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल किया। पहले में लोकेट एक्स से एस्सेस खरीदा गया। दूसरे तरीके में में एक्स-मोड नामक एक कंपनी शामिल थी, जो एप्स से सीधे स्थान डेटा प्राप्त करती है, फिर उस डेटा को ठेकेदारों यानि अमेरिकी सेना को को बेचती है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिकी स्पेशल फोर्स (US Special Force) इस डेटा का प्रयोग विदेशी मिशनों पर कर सकते हैं, रिपोर्ट में अनुमान लगाते हुए कहा गया है कि अमेरिकी सेना मुस्लिम प्रो ऐप द्वारा कलेक्ट किए गए डेटा का इस्तेमाल ड्रोन स्ट्राइक के जरिए आ’तंक’वादी संदिग्धों के अतिरिक्त-न्यायिक निष्पादन (Extra-Judicial Executions) के लिए कर सकती है।