दुबई अपनी बहुमंजिला इमारतों, खूबसूरत आधुनिक मानव निर्मित द्वीपों और दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा के लिए प्रसिद्ध है. पर अब यहां पर तैरता हुआ होटल भी बनाया जा रहा है. यह होटल समुद्र में तैरता रहेगा. इसे समुद्र की तेज लहरें भी हिला नहीं पाएंगी. आइए जानते हैं इस होटल की खासियतों को…

इस होटल को बनाने में करीब 1212 करोड़ रुपए की लागत आएगी. इस होटल का नाम है फ्लोटिंग सी पैलेस एंड रिजॉर्ट (Floating Sea Palace and Resort). मुख्य होटल की तैरती हुई इमारत से छह तैरते हुए ग्लास बोट विला (Glass Boat Villa) भी जुड़े होंगे. इन पर जाने के लिए तैरता हुआ पुल होगा. बाकी आप तट से सीधे अपने विला में स्पीड बोट के जरिए भी जा सकते हैं.

समुद्र की तेज लहरें इसे हिला नहीं पाएंगी क्योंकि इनमें शैफ्ट मोटर्स लगी हैं जो लहरों की गति और ऊंचाई को बर्दाश्त कर लेंगी. होटल को दुबई के मरीना तट के पास बनाया जा रहा है. होटल का नेपच्यून नाम का एक ग्लास बोट विला पूरा बन गया है.

इसे बनाने वाली कंपनी बारावी ग्रुप के सीईओ मोहम्मद अल बारावी ने गल्फ न्यूज को बताया कि होटल का 95 फीसदी काम पूरा हो गया है. अगले एक महीने में बाकी बचा हुआ काम भी पूरा हो जाएगा. नेपच्यून ग्लास बोट विला यूएई के भारतीय बिजनेसमैन बलविंदर साहनी ने खरीदा है.

नेपच्यून ग्लास बोट विला में दो फ्लोर है. बाहर की तरफ एक स्वीमिंग पूल है. हर फ्लोर 300 स्क्वायर मीटर का है. पहले फ्लोर पर चार बेडरूम है. हर ग्लास बोट विला इकोफ्रैंडली बनाए गए हैं. इनके अंदर ऑटोमैटिक एयर फिल्ट्रेशन सिस्टम लगा हुआ है जो समुद्री हवा को साफ करके घर के अंदर भेजेगा. सौर ऊर्जा से बिजली मिलेगी और कचरा रिसाइक्लिंग सिस्टम भी लगा है.