सऊदी सरकार के शाही आदेश के तहत गैर मुल्की जिन्होंने कोरोना के वक़्त सऊदी की नौकरियों को छोड़ दिया था वह अब सऊदी में अपनी पुरानी नौकरियोन पर लौट रहे है। ऐसे में सऊदी सरकार ने प्रवासियों के लिए कुछ गाइडलाइन्स निर्धारित की है जिन्हें हर प्रवासी को फॉलो करना होगा। सऊदी के डिप्टी मिनिस्टर ऑफ हज एंड उमराह ने बताया है कि Grand Mosque में इस बात का ध्यान रखना काफी आवश्यक है अगर ऐसा नहीं किया गया तो बड़ी मात्रा में तीर्थयात्री कोरोना पॉजिटिव हो जाएंगे और फिर हालात काबू से बाहर हो जाएंगे।

उन्होंने बताया कि मक्का के Grand Mosque के सभी कर्मचारियों को कोरोना वैक्सीन दिया जाएगा। मक्का में काम करने वाला कोई भी कामगार बिना वैक्सीन के नही होगा। नए निर्देश के अनुसार सऊदी अरब के मक्का शहर में कोई भी कामगार जो कार्यरत है वह बिना वैक्सीन के कार्य पर नहीं रह सकता है उसे हर हाल में वैक्सीन लेना होगा और उसके बाद ही वह काम पर आ सकता है।

सऊदी अरब ने घोषणा की है कि हज यात्रा के लिए मक्का जाने के इच्छुक मुसलमानों को यह सबूत देने की आवश्यकता होगी कि उन्हें कोविड -19 का टीका लगाया गया है। स्वास्थ्य मंत्री तौफीक अल रबिया ने कहा, “टीकाकरण भागीदारी के लिए मुख्य शर्त होगी।”

उनके मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि 17 जुलाई से शुरू होने वाला इस साल का हज का मौसम नए नियमन से प्रभावित होगा या नहीं।2020 में, हज केवल उन 1,000 तीर्थयात्रियों तक सीमित था, जो कोरोनावायरस से निपटने के राज्य के प्रयासों के हिस्से के रूप में सऊदी अरब में रहते थे।

सऊदी अरब ने अपने टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत 17 दिसंबर को की, जिसमें मॉडर्न, फाइजर और एस्ट्राजेनेका जैब्स को इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी गई। अब तक, सऊदी अधिकारियों का कहना है कि कोरोनोवायरस के 377,700 मामले सामने आए हैं और राज्य ने 6,500 कोरोनावायरस से संबंधित घातक घटनाओं की सूचना दी है।