पिछले दिनों खबर आई थी कि सऊदी अरब के स्कूलों में रामायण और महाभारत पढ़ाया जाएगा और इसे सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के विज़न 2030 से जोड़ा जा रहा था। कई भारतीय मीडिया में यह खबर चलाई गयी जिसके बाद मुस्लिमों की अलग अलग तरह की प्रतिक्रिया सामने आई है थी। आज हम आपको इस बात का पूरी तरह से सच बताने की कोशिश कर रहें है।

altnews.in की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक़, सऊदी अरब की नागरिक नउफ़ अल मारवाई का ट्वीट भी है। ये अरब योग फ़ाउंडेशन की संस्थापक हैं और 2018 में उन्हें पद्म श्री से नवाज़ा गया था। उन्होंने इन्हीं प्रश्नों की तस्वीर ट्वीट की थी और लिखा था, “सऊदी का नया विज़न-2030 और ये सिलेबस समावेशी, लिबरल और सहिष्णु पीढ़ी बनाने में मदद करेगा। ये आज मेरे बेटे के स्कूल में हुई सोशल स्टडीज़ की परीक्षा के प्रश्नपत्र का स्क्रीनशॉट है जिसमें हिन्दू, बौद्ध, रामायण, कर्म, महाभारत और धर्म का इतिहास और सिद्धांत शामिल हैं। मुझे उसे ये सब पढ़ाना अच्छा लगा।” उन्होंने 15 अप्रैल को ये ट्वीट किया था और आर्टिकल लिखे जाने तक इसे 2,000 से ज़्यादा बार रीट्वीट भी किया जा चुका है।

नउफ़ अल मारवाई और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सऊदी अरब का विज़न 2030 ही वो वजह है जिसके ज़रिये हिन्दू साहित्य सऊदी अरब के स्कूल सिलेबस में शामिल किया जा रहा है। लेकिन सऊदी विज़न 2030 असल में सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था, सार्वजनिक क्षेत्र जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, इन्फ़्रास्ट्रक्चर, मनोरंजन और पर्यटन को आगे ले जाने और तेल पर निर्भरता को कम करने की रणनीतिक तैयारी है। इसके बारे में क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने 25 अप्रैल, 2016 को घोषणा की थी।

सऊदी के पत्रकारों और राजनीतिक विशेषज्ञों ने नउफ़ अल मारवाई के ट्वीट का खंडन किया है

ऑल्ट न्यूज़ ने सऊदी अरब के एक वरिष्ठ पत्रकार से संपर्क किया. उन्होंने हमें बताया, “सरकार ने ऐसा कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है कि रामायण या महाभारत पढ़ाया जाएगा। सऊदी के स्कूलों में सरकारी और ग़ैर-सरकारी स्कूलों में अरबी पढ़ाई जाती है। नउफ़ मारवाई ने जो स्क्रीनशॉट शेयर किया है उसमें अंग्रेज़ी में लिखा हुआ है. इसलिए मुमकिन है कि ये कोई प्राइवेट स्कूल का सिलेबस है ।”

अरब न्यूज़ के संवाददता नैमत खान ने एक ट्वीट थ्रेड में बताया कि भारतीय मीडिया ने ग़लत रिपोर्टिंग की है।

सऊदी विज़न 2030 की ऑफ़िशियल वेबसाइट पर रामायण और महाभारत पढ़ाये जाने की कोई बात कहीं नहीं लिखी है।