आपदा के इस समय जहाँ अपने ही साथ छोड़कर चले जा रहे हैं. कितने ही ऐसे केस सामने आये हैं जिनमे पुत्र ने बाप की अर्थी को कन्धा नही दिया या फिर परिवारजनों ने कोरोना से निधन हुए व्यक्ति की लाश लेने से इनकार कर दिया. वहीँ हालातों को समझते हुए उत्तराखंड के हल्द्वानी पुलिस ने अपनी ज़िम्मेदारी संभालते हुए कुछ ऐसा काम किया जिससे नगर में उनकी वाहवाही हो रही है.

पुलिस द्वारा तीमारदारों मजबूर लोगों को खाना उपलब्ध कराया गया। जी हां महामारी के इस दौर में जहां हर कोई दूसरा तीसरा परेशान है तो दूसरा पक्ष मदद करने वाली भी बहुत हैं पुलिस जा एक तरफ लॉ एन ऑर्डर का पालन करवा रही है तो दूसरी तरफ लोगों की हर तरह से मदद कर रही है इसी कड़ी में कोतवाली हल्द्वानी पुलिस द्वारा शुशीला तिवारी अस्पताल और अन्य अस्पतालों के तीमारदारों और रिक्शा चालक मजदूरो आदि के लिए लँचपेकेट जिनमे फल मिठाई बिरयानी सब्जी समोसा …आदि बांटे जा रहे है। पुलिस के द्वारा इस तरह की मदद करने से लोगों के चेहरे खिले हुए हैं उन्हें पुलिस मित्र की तरह लग रही है। अभी तक पुलिस की इमेज डर की बनी हुई थी।

टिहरी गढ़वाल की देवप्रयाग पुलिस ने #मिशन_हौसला के तहत ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे पर आवाजाही करने वाले रोडवेज बस, ट्रक, टैक्सी तथा आवश्यक कार्य से जाने वाले निजी वाहन चालकों व यात्रियों के लिए भोजन माता अभियान शुरू कर तीन धारा में निःशुल्क भोजन उपलब्ध करा रही है।

गौरतलब है की उत्तराखंड पुलिस का स्लोगन है “मित्र पुलिस”, आपदा के इस समय पुलिस जहाँ मुस्तैदी से लॉ एंड आर्डर को फॉलो करवा रही है वहीँ समाज सेवा में भी आगे नज़र आ रही है. मित्र पुलिस के अपने स्लोगन को पूर्ण करते हुए जनता के दिलों में पुलिस की एक अलग ही छवि बन रही है.

पुलिस को इस तरह की शिकायतें आ रही थी की राहगीरों को खाने को लेकर काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्यों की कोरोनाकाल में होटल रेस्तरां बंद होने के कारण भोजन की उपलब्धता नही हो पा रही है, जिसे ध्यान में रखते हुए पुलिस ने इस प्रकार का भोजन माता कार्यक्रम आयोजित किया. इससे लोगो को काफी फायदा हुआ. हम यहाँ एक राहगीर का कमेंट प्रकाशित कर रहा हैं, जिसने पुलिस द्वारा चालाये जा रहे सामाजिक कार्य का लाभ उठाया