भारत और कुवैत ने एक सहमति पत्र पर दस्तखत किया है, जिसके तहत इस खाड़ी देश में काम करने वाले भारतीय घरेलू कामगारों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। इसके अलावा उन्हें कानूनी संरक्षण भी मिलेगा। इस सहमति पत्र पर भारतीय राजदूत सिबी जार्ज और कुवैत के उप विदेश मंत्री माजदी अहमद अल-दारिफी ने दस्तखत किया। इस दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके कुवैती समकक्ष शेख अहमद नासेर अल-मुहम्मद अल-सबाह भी मौजूद थे।

एक तंत्र की स्थापना की जाएगी, जो घरेलू कामगारों को 24 घंटे मदद मुहैया कराएगा

दोनों मंत्रियों ने सहमति पत्र पर दस्तखत किए जाने का स्वागत किया। सहमति पत्र के अनुसार, एक तंत्र की स्थापना की जाएगी, जो घरेलू कामगारों को 24 घंटे मदद मुहैया कराएगा।

विदेश मंत्री के तौर पर जयशंकर की पहली कुवैत यात्रा, कुवैत में 10 लाख से ज्यादा भारतीय रहते हैं। जयशंकर विदेश मंत्री के तौर पर अपनी पहली कुवैत यात्रा पर गुरुवार को आए थे। कुवैत में 10 लाख से ज्यादा भारतीय रहते हैं। भारत कुवैत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है और कुवैत भारत के लिए तेल का एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता है।

कुवैत के विदेश मंत्री ने भारत के साथ गहरे संबंधों की सराहना की

कुवैत के विदेश मंत्री शेख अहमद नासेर अल-मुहम्मद अल-सबाह ने भारत के साथ अपने देश के गहरे संबंधों की सराहना की और कहा कि ये द्विपक्षीय संबंध हमेशा ही आगे बढ़ते रहे हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने के 60 साल पूरे होने की पृष्ठभूमि में यह बात कही। कुवैत के विदेश मंत्री ने अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर से यहां मुलाकात की। सरकारी समाचार एजेंसी कुना के मुताबिक सबाह ने कहा कि अनेक क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों में जबरदस्त प्रगति हुई है। भारत के साथ अपने देश के गहरे संबंधों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि ये द्विपक्षीय संबंध हमेशा ही आगे बढ़ते रहे हैं।