मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता शरद पवार ने स्पष्ट रूप से कहा कि भले ही ‘राष्ट्र मंच’ (नेशनल फोरम) की बैठक में गठबंधनों पर चर्चा नहीं की गई, अगर कोई वैकल्पिक बल खड़ा करना है, तो कांग्रेस निश्चित रूप से इसका हिस्सा होगी।

पवार ने 22 जून (मंगलवार) को आयोजित अपने दिल्ली आवास पर राष्ट्र मंच (नेशनल फोरम) की बैठक में मीडिया कर्मियों से कहा, “बैठक (राष्ट्र मंच की बैठक) में गठबंधन पर चर्चा नहीं की गई थी, लेकिन अगर कोई वैकल्पिक बल खड़ा करना है, तो यह कांग्रेस को साथ लेकर ही किया जाएगा। हमें उस तरह की सत्ता चाहिए और मैंने उस बैठक में यह कहा था।”

उन्होने कहा, “हमने चर्चा नहीं की है, लेकिन मुझे लगता है कि हमें सामूहिक नेतृत्व की भूमिका निभाकर आगे बढ़ना होगा। मैंने सालों तक ऐसा किया लेकिन अभी मैं सभी को एक साथ रखने, उनका मार्गदर्शन करने और उन्हें मजबूत करने के लिए काम करूंगा।’

जब उनसे महाराष्ट्र में अकेले चुनाव लड़ने की कांग्रेस की मंशा के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “हर राजनीतिक दल को खुद का विस्तार करने का अधिकार है। हम अपने पार्टी कार्यकर्ताओं की ऊर्जा बढ़ाने के लिए ऐसे बयान भी देते हैं। इसी तरह, अगर कांग्रेस ऐसा कुछ कहती है (अगले चुनाव अकेले लड़ने के लिए) तो हम इसका स्वागत करते हैं क्योंकि यह उनका (अपनी पार्टी का विस्तार करने का) अधिकार है।”

राकांपा नेता मजीद मेमन, जो बैठक का हिस्सा थे, ने कहा कि राष्ट्र मंच के प्रमुख यशवंत सिन्हा ने पवार के आवास पर बैठक बुलाई थी। उन्होंने बैठक से कांग्रेस के बहिष्कार की मीडिया की अटकलों का भी खंडन किया। बैठक में शामिल होने वालों में तृणमूल कांग्रेस के नेता यशवंत सिन्हा, गीतकार जावेद अख्तर, राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी और जनता दल (यूनाइटेड) के पूर्व नेता पवन वर्मा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद बिनॉय विश्वम और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला शामिल थे।

बैठक में शामिल रालोद के जयंत चौधरी ने कहा कि तीन साल पहले राष्ट्र मंच का गठन किया गया था। उन्होने कहा, “राष्ट्र मंच तीन साल पहले बना है। आज चर्चा किए गए सभी विषय राजनीतिक थे, लेकिन हमने किसी विशेष चुनाव या किसी सरकार के संबंध में बातचीत नहीं की। हमने समसामयिक मुद्दों, देश के मिजाज, उनकी शिकायतों, देश के आर्थिक मुद्दों, किसानों के विरोध के बारे में चर्चा की।