बिहार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खां ने अपना डीएनए हिन्दू बताते हुए कहा कि उनके पूर्वज हिन्दू थे, जो बाद में  मुसलमान बन गए। उन्होने कहा कि आज भी उनके खानदान के कई लोग हिन्दू राजपूत हैं। जिनसे उनके रिश्ते आज भी कायम हैं।

अल्पसंख्यक कल्याण वजीर ने कहा कि अगर कोई अपनी मर्जी से अपना मजहब बदल सकता है तो यह ठीक है। उसकी मर्जी का सम्मान करना चाहिए, लेकिन जबरदस्ती ऐसा नहीं होना चाहिए ।उन्होने ये भी कहा कि धर्म परिवर्तन का मतलब कि उसको मोहब्बत से आप कर सकते हैं, भाई चारे से कर सकते हैं। बता दें कि जमा खान नीतीश सरकार के एकलौते मुस्लिम मंत्री हैं।

उन्होने बताया, मैं हिंदू था और राजपूत था, हमारे बुजुर्ग बैशवाहा से आए। बैश ठाकुर थे हमलोग और हमारे पूर्वज जयराम सिंह, भगवना सिंह थे। दो लोग हमारे यहां आएं लड़ा’ई छिड़ी वो जीते। भगवान सिंह ने इस्लाम कबूल कर लिया और मुसलमान हो गए। जो खानदान हमलोगों का है। बगल में मेरा परिवार सरैया गांव में है। जहां जयराम सिंह रहते थे वहां आज भी हमारा आना-जाना है।

जमा खां बहुजन समाज पार्टी की टिकट पर जीतकर विधानसभा पुहंचे थे, बाद में वे जदयू में शामिल हो गए हैं। उनके इस बयान पर राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि बीजेपी की गोद में बैठकर जमा खान धर्म परिवर्तन की बात कर रहे हैं। ऐसी बात करके असली मुद्दों से ध्यान नहीं भटकाना चाहिए। जो विभाग इनको मिला है, उसे इन्हें संभालना चाहिए।