दुबई में रहने वाले भारतीय सोशल वर्कर जोगिंदर सिंह सलारिया को गोल्डेन वीजा से नवाजा गया है। वह Pehal Charitable Trust (PCT) Humanity के फाउंडर है। दुबई में सन 1993 में पंजाब से आए थे, पॉकेट में मात्र ₹1000 था

यहां तक के अपने सफर को याद करते हुए वह बताते हैं कि वह दुबई में सन 1993 में पंजाब से आए थे। उनकी जेब में मात्र 1000 रुपये थे। वह कहते हैं कि सपने देखने का हौसला आपको एक दिन आपकी मंजिल तक जरूर पहुंचाता है।

उन्होंने बताया कि यह सम्मान पाकर वह काफी खुश हैं और उनकी रोल मॉडल महामहिम शेख मोहम्मद बिन रशीद अल मकतूम हैं। साथ ही उन्होंने पुलिस का भी आभार व्यक्त किया है जो हर कदम पर सामाजिक कार्य में उनकी मदद करते हैं।

सपनों की तरफ पूरी इमानदारी और सच्ची लगन से आगे बढ़ते हैं तो आपको कोई नहीं रोक सकता है। उनका कहना है कि संयुक्त अरब अमीरात सबसे शांतिपूर्ण और सुरक्षित है। अगर आप अपने सपनों की तरफ पूरी इमानदारी और सच्ची लगन से आगे बढ़ते हैं तो आपको कोई नहीं रोक सकता है।