कोरोना महामारी ने दुनिया को आर्थिक रूप से बहुत पीछे कर दिया। लेकिन अब इसी पिछड़ी हुई अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरी दुनिया एक बार फिर से एकजुट हुई है। कोविड के बाद पहली बार दुनियाभर के 192 मुल्क दुबई में एक्सपो 2020 में जुट रहे हैं। यहीं से भारत भी अपनी पांच ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था के नए पंखों को आयाम देगा। इसके लिए सारी तैयारियां मुकम्मल हो चुकी हैं।

भारत की ओर से दुनिया के कई मुल्कों के साथ बिजनेस करार भी होगा। छह महीने तक चलने वाले दुबई के इस एक्सपो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहुंचने की पूरी गुंजाइश है। दुबई में इंडियन पैवेलियन में मौजूद यूएई के राजदूत पवन कपूर ने अमर उजाला से हुई बातचीत में बताया कि दुबई में एक अक्तूबर से शुरू होने वाले दुनिया के सबसे बड़े एक्सपो को भारत अपनी पांच ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़े प्लेटफार्म के तौर पर देख रहा है।

छह महीने तक चलने वाले दुनिया के सबसे बड़े एक्सपो में भारत की ओर से दुनिया के तमाम मुल्कों से बड़े बिजनेस एमओयू साइन होने वाले हैं। एंबेसडर कपूर ने बताया कि एक्सपो की शुरुआत के लिए भारत के कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल एक नवंबर को दुबई में मौजूद रहेंगे। उनका कहना है कि दुबई से पूरी दुनिया को एक बहुत बड़ी इकोनॉमिक ग्रोथ मिलने वाली है। पवन कपूर के मुताबिक भारत के लिए यह एक मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि दुनियाभर के बहुत सारे मुल्क हमारे देश में निवेश करने के लिए भी आगे आएंगे।

वह कहते हैं कि इस एक्सपो की शुरुआत में ही कई देशों के साथ एमओयू साइन होने की बातचीत शुरू हो चुकी जो भारत के लिए बहुत ही सकारात्मक कदम है। कपूर ने बताया कि इस एक्सपो में हालांकि अभी तक प्रधानमंत्री के आने की कोई आधिकारिक घोषणा तो नहीं हुई है, लेकिन निश्चित तौर पर इतने बड़े बिजनेस एक्सपो में प्रधानमंत्री का आगमन हो सकता है।

फिक्की के सहयोग से होने वाले एक्सपो 2020 में मौजूद फिक्की के सेक्रेटरी जनरल दिलीप चेनॉय ने बताया कि भारत की पांच ट्रिलियन इकोनॉमी के टारगेट को पूरा करने का यह सबसे बड़ा प्लेटफार्म है। सेक्रेटरी जनरल के मुताबिक इंडियन पवेलियन में भारत के कई राज्य हिस्सेदारी कर रहे हैं। यह सभी राज्य दुनियाभर के निवेशकों को न सिर्फ अपनी योजनाओं के बारे में बताएंगे बल्कि बिजनेस प्रक्रिया से भी उनको अवगत कराएंगे। उनके मुताबिक फिक्की इसमें सबसे बड़ा सहयोगी पार्टनर बनकर भारत की पांच ट्रिलियन इकोनॉमी के टारगेट को पूरा करने में ना सिर्फ मदद करेगा बल्कि उसको आगे ले जाने के हर संभव प्रयास भी करता रहेगा।